चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी धाम में जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व को लेकर आज 21 सितंबर से तीन दिवसीय भव्य मेले का आगाज हो रहा है। 21 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इन तीन दिनों तक पूरा मण्डफिया भक्ति, आस्था और उल्लास के रंग में रंगा नजर आएगा।
मेले की शुरुआत आज 21 सितंबर को दोपहर 2 बजे विशाल शोभायात्रा के साथ होगी। श्री सांवलियाजी मंदिर परिसर से निकलने वाली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शोभायात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु भगवान सांवरिया सेठ के जयकारे लगाएंगे।
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आज रात मेला ग्राउंड के अलग-अलग मंचों पर भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। वहीं मण्डफिया बाईपास स्थित उप जिला चिकित्सालय के पास अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें शैलेश लोढ़ा सहित देशभर के कई प्रसिद्ध कवि अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
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कल निकलेगी भव्य रथयात्रा
मेले का मुख्य धार्मिक आयोजन 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी के अवसर पर होगा। दोपहर 12 बजे श्री सांवलियाजी मंदिर से सांवरिया सरोवर तक भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान सांवरिया सेठ के रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मण्डफिया पहुंचने की संभावना है।
रथयात्रा के दौरान पूरा मण्डफिया ‘जय सांवरिया सेठ’ के जयकारों से गूंज उठेगा। रात को मेला ग्राउंड और मण्डफिया बाईपास पर भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें बी प्राक, सवाई भाट, प्रकाश माली और आशा वैष्णव सहित कई कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
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23 सितंबर को होगा मेले का समापन
तीन दिवसीय मेले के अंतिम दिन 23 सितंबर को भी भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके साथ ही मेले का समापन होगा।
जलझूलनी एकादशी के इस भव्य आयोजन में भगवान सांवरिया सेठ के दर्शन, शोभायात्रा, रथयात्रा, भजन संध्याएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आज से शुरू हो रहे इस धार्मिक उत्सव के चलते मण्डफिया में अगले तीन दिनों तक आस्था और उत्सव का विशेष माहौल देखने को मिलेगा।
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