चित्तौड़गढ़। एक समय परिवारों को जोड़ने वाला मोबाइल फोन अब कई रिश्तों में दरार की वजह बनता जा रहा है। चित्तौड़गढ़ जिले के पीपलवास क्षेत्र के बानसेन गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां पति-पत्नी के बीच मोबाइल इस्तेमाल को लेकर बढ़ते विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। लगातार झगड़ों और शक की आग में घिरे दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार बानसेन निवासी 22 वर्षीय युवक और उसकी 20 वर्षीय पत्नी के बीच पिछले कई दिनों से मोबाइल फोन को लेकर तनाव चल रहा था। परिवार के लोगों का कहना है कि पति को पत्नी के लंबे समय तक मोबाइल पर व्यस्त रहने और किसी से लगातार बातचीत करने को लेकर शक था। इसी वजह से घर में आए दिन विवाद और बहस होने लगी थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात फिर मोबाइल को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुस्से में कमरे में चले गए और जहरीला पदार्थ खा लिया। काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं होने पर परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा खोला गया तो दोनों अचेत हालत में पड़े मिले। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
परिजन और ग्रामीण तुरंत दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला की हालत में जल्दी सुधार हुआ और उसे होश आने के बाद महिला वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि युवक की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में रखा गया। बाद में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई।
बदलते दौर में रिश्तों पर बढ़ता मोबाइल दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आज मोबाइल सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं रह गया, बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्तों में अविश्वास, निगरानी और मानसिक तनाव का बड़ा कारण बनता जा रहा है। सोशल मीडिया चैट, देर रात फोन इस्तेमाल और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर छोटे-छोटे विवाद कई बार बड़े पारिवारिक संकट में बदल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहर, मोबाइल को लेकर बढ़ते विवाद अब सामाजिक चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कई परिवारों में संवाद की जगह शक और स्क्रीन टाइम ने ले ली है, जिसका असर सीधे वैवाहिक रिश्तों पर पड़ रहा है।



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